
Talking Mirror
तुषार जी, आपने जो लिस्ट बनाई, जॉब, पैकेज, रैंक, बॉडीकाउंट, लाइक्स, व्यूज़, सब्सक्राइबर्स, ये अपने आप में दिलचस्प है। ध्यान दीजिए, हर चीज़ जो आपने गिनी वो गिनी जा सकने वाली चीज़ है, कोई संख्या है। मतलब अहंकार को खुद को नापने के लिए एक नंबर चाहिए, कोई ऐसी चीज़ जिसे बढ़ाया-घटाया जा सके, तुलना की जा सके। अगर आज सच में बैठकर देखें तो पूछिए, इन नंबरों के पीछे जो घबराहट है, वो असल में किस चीज़ का डर है, कम होने का, या मिट जाने का? इसी सवाल पर अगर थोड़ा…















