
Seema JAITLY new
❓ज़रा अपने दिन पर नज़र डालिए। आपके ज़्यादातर फैसले किससे तय होते हैं समझ से या अपने स्वार्थ और डर से? अब मैं हर फैसले पर प्रश्न करूँगी कि ये फैसला कहाँ से आ रहा है समझ/स्वार्थ/डर। हमें समाज ने बचपन से ही नैतिकता सिखा दी है जो मैंने आत्मसात कर रखी है, उस नैतिकता को अब मैं सत्य की छलनी से छान कर ही देखूंगी और जो जिस लायक है उसे वही स्थान दूँगी। 💭 समस्या अलार्म की नहीं है। अलार्म तो केवल यह दिखाता है कि हमें चलाने वाला केंद्र क्या है।















