
Om Prakash Pandey
"हे राम! मुझे खुद से बचा" वास्तविक धर्म, जब से भीतर में आग लगाया तब ही यह मैं समझा कि जैसा मैं हूँ अन्य जीव भी वैसे ही हैं। उसके बाद से एक क्षण भी नहीं लगा 'विगन' अपनाने में और न ही स्मरण रखना पड़ा कि मैंने मांस और डेयरी का त्याग किया है। आचार्य जी समझाते है कि जब होश में आ जाते हो तो बेहोशी की अवस्था स्वतः मिट जाती है। बाकि अब मैं जानवरों को मारता नहीं, उनको कोई क्षति नहीं करता। मेरे क्षेत्र में बंदरो की संख्या ज्यादा थी अब बहुत कम। आज सं…















