
जन्माष्टमी महोत्सव 4-5 सितंबर: दूसरे दिन की झलकियाँ ✨
5 सितंबर को गोवा में जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन आचार्य जी के साथ भगवद्गीता का सत्र हुआ। सत्र शुरू होने से पहले लोगों ने मिलकर भजन गाए और साथ में नृत्य भी किया। इस सत्र में आचार्य जी ने भगवद्गीता के एक श्लोक को समझाते हुए बताया कि किसी विषय को चाहना कामना है, पर अपने ही मिट जाने को चाहना प्रेम है। उन्होंने कहा कि कामना के पीछे भागकर जो कुछ भी मिलता है, वह मिलते ही ख़त्म होने लगता है- और यह बात किसी सांत्वना की नहीं, बल्कि एक साफ़ चेतावनी की…
















