
Brahma kumari Rao
यह सब जगह, हर बात में अहंकार घुसा हुआ है लेकिन यह अहंकार घुसा हुआ था यह बात भी हमें पता ही नहीं थी और जिन्होंने आचार्य जी को नहीं सुना उन्हें भी अभी तक पता नहीं है। अहंकार का प्रतिपल विगलन ही सत्य के प्रति हमारी निष्ठा और ईमानदारी है।🪔🪔🙂↔️















