
Prashant Kumar
उस व्यवस्था से मुझे मिल रहा , सुख– सुविधा और बहुत से स्वार्थ जुड़े हुए दिखाई देते है। समाज से परिवार से और शिक्षा से जो मुझे अपने ही व व्यवस्था में बने बने जीवन जीने के लिए बहुत से सुविधा और सुख उपलब्ध करा दिए गए है। देह से लेकर मानसिक सुख तक।















