
Sai Swaroop Solanki
हाँ, मुझे लगता है, कि मैं तो तैयार हूँ। पर शायद हम नहीं। न हम सही दुर्गा को पहचान पा रहे हैं, न ही राक्षस कौन है उसको। माँ प्रकृति, जो सबकी माँ है, वही दुर्गा है, और हम ही राक्षस हैं, जो उसका अंधाधुंध भोग कर रहे हैं।
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