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मान्यता का विरोध करना हमारे समाज में नॉर्मल नहीं माना जाता।अपने ही लोग मजाक उड़ाते हैं ,तुम सामान्य नहीं हो ,तुम दिमागी तौर पर बीमार हो ।ये सब कहकर वो हमें सही में पागल कर देते हैं। प्रचलित मान्यताओं पर नहीं चलना लोगों को स्वीकार्य नहीं होता।















