गंगाधर जी - 3 साल से आचार्य जी को सुन रहे हैं। 🔷 पहले धर्म का मतलब था - नहाना, अगरबत्ती जलाना, धूप दीप। गीता सत्रों से समझ आया - अध्यात्म का अर्थ है ख़ुद को अधिक से अधिक जानना। 🔷 अब वे नियमित गीता सत्र सुनते हैं। 100% परीक्षाएँ देते हैं। अपने अवलोकन के साथ सीख भी लिखते हैं। ”अहंकार का घटते जाना ही अध्यात्म है - यह गीता सत्रों से सीखा।" जुड़िए गीता सत्रों से - और असली अध्यात्म को जानिए 🙏✨









































