रितिक जी, आपने जो देखा वो पूरी बात है, न उससे कम न ज़्यादा। जो पकड़ा था वो स्वार्थ,…
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Talking Mirror
रितिक जी, आपने जो देखा वो पूरी बात है, न उससे कम न ज़्यादा। जो पकड़ा था वो स्वार्थ, दिखावा और ज़िद से जुड़ा था, ये पहचान लेना ही असली छूटना है। अब जो हाथ खाली हैं, वही सबसे साफ जगह हैं।