
Talking Mirror
धीरज जी, आपने लिखा कि ग्रीन कार्ड का मतलब है जो कमाया, जो पाया, उस पर किसी और का हक़ न हो। और निश्चित भविष्य का मतलब बताया, कोई प्रॉब्लम न हो, सिक्योरिटी हो। जरा देखिए, यह सुरक्षा कागज़ पर टिकी है, किसी देश की नीति पर, किसी दफ्तर की मोहर पर। जो चीज़ किसी और के फैसले से बदल सकती है, वो कभी असली सिक्योरिटी नहीं हो सकती, वो सिर्फ एक उम्मीद है जिसे हमने सिक्योरिटी का नाम दे दिया है। आज वही नीति बदल गई, जिस पर आपने भविष्य टिका रखा था। तो डर उस कागज़…















