
Nikita Priydarshini
🍁शायद रिश्तों में असली समस्या सामने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि उसके बारे में हमारी बनाई हुई छवि होती है। जब वह हमारी अपेक्षाओं के अनुसार व्यवहार करता है, तो रिश्ता सहज लगता है; और जब छवि टूटती है, तो टकराव शुरू हो जाता है। विद्या शायद यही है—व्यक्ति को अपनी अपेक्षाओं और धारणाओं से अलग होकर देख पाना। 🌿अगली पोस्ट में सुकरात के ‘Know Thyself’ (स्वयं को जानो) और उसके विचारों को वेदांत की ‘आत्म-विचार’ की दृष्टि से समझना चाहूँगी। दोनों में ‘स्वयं को जान…















