
Muskan
हम 'मैं' को सही साबित करने के में भी हर जगह नहीं लगते अपितु वही जुटते हैं जहां सामने वाले से हमारा स्वार्थ जुड़ा होता है। जिस से हमें कुछ चाहिए नहीं उसके सामने छवि का भी नहीं सोचा और जिस से कुछ लेना चाहते हैं उसके सामने छवि बड़ी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में अक्सर हमें सम्मान की चाहत होती है , स्वीकृति चाहिए होती है। और ऐसा हम इसलिए करते हैं क्योंकि हम खुद अपने आप को पूरा नहीं मानते हैं और इसलिए हम चाहते हैं कि कोई और validate करे हमें l हम जा…















