
Ojas shukla
क्या किसी कलाकार की कला का मूल्य इस बात से तय होता है कि कितने लोग उसे पहचानते हैं? ऐसा नहीं होता पर सोसाइटी द्वारा बार बार समाज द्वारा बोल बोल कर भर दिया जाता है। तो क्या आपका काम अपने आप महत्वहीन हो जाता है? लोगो की बात को महत्व देना मूर्खता है , क्योंकि उनकी बात भी उनके मन से निकलती है मन की विचार भी प्रकृति का ही एक हिस्सा है और प्रकृति प्रतिपल बदलती है । (हालांकि बात बोलना आसान है पर करना मुश्किल क्योंकि मैं भी हर समय करने का प्रयाश करता…




























