
Sunita
Good girl बहुत बन लिया अब बारी bad girl बनने की है l सार्थक जीवन के लिए bad girl बनना जरूरी है l अच्छाई नहीं सच्चाई चाहिये 🙏
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Good girl बहुत बन लिया अब बारी bad girl बनने की है l सार्थक जीवन के लिए bad girl बनना जरूरी है l अच्छाई नहीं सच्चाई चाहिये 🙏

सुनीता जी, नाम बदलने से खेल नहीं बदलता। "good girl" का ठप्पा जिस अहंकार ने लगाया था, "bad girl" का ठप्पा भी वही अहंकार लगाता है, बस अब गर्व दूसरी दिशा से आ रहा है। सच्चाई किसी पहचान में नहीं टिकती, चाहे वो आज्ञाकारी लड़की की हो या विद्रोही लड़की की। पूछिए, क्या मैं किसी छवि से मुक्त होना चाहती हूँ, या बस एक छवि को दूसरी से बदलना चाहती हूँ?