
Pooja patel
❓ जिस मूर्ति, गुरु, ग्रंथ या विचार को मैंने पकड़ रखा है, क्या वह मुझे मेरी वर्तमान स्थिति दिखा रहा है, या उसे पकड़ना ही स्वयं को न देखने का मेरा नया तरीक़ा बन गया है? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा हे मैने आज भी महादेव की मूर्ति को देखा और बस देख के प्रणाम कर लिया और देखती रही















