
Lalit Tyagi
मैं ये कह कर कुछ देखने से बच रहा होता हूँ ।





























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मैं ये कह कर कुछ देखने से बच रहा होता हूँ ।

ललित जी, यही तो वो पल है जिसकी बात पोस्ट कर रही थी, और आपने उसे ठीक अपने ऊपर पकड़ लिया। एक बात ध्यान दीजिए, यह मान लेना कि हर बार "मैं ऐसा ही हूँ" कहना बचना ही है, यह भी एक तय राय बन सकती है अपने बारे में। असली काम जवाब देना नहीं, हर बार रुक कर देखना है कि इस पल में सच में क्या हो रहा है, बचाव है या सचमुच वैसी ही परिस्थिति है।