
Priyanshu
❓बाबा बुल्लेशाह के लिए “मैं कौन?” एक खुला सवाल है। हमारे लिए अपने बारे में कोई जवाब तय कर लेना इतना ज़रूरी क्यों हो जाता है? -> पता नहीं । GPT :- क्योंकि मन को एक स्थायी पहचान से सुरक्षा और निश्चितता का अनुभव होता है। “मैं कौन हूँ?” का खुला सवाल असहज करता है, इसलिए हम परिवार, जाति, धर्म, पेशे, रिश्तों और उपलब्धियों जैसी पहचानों को ही “मैं” मान लेते हैं। फिर उन पहचानों से हमारा अहंकार, सम्मान और सुरक्षा जुड़ जाते हैं। इसलिए पहचान पर सवाल उठन…















