
Aman Tiwari
अक्सर मेरे दावों और जीवन में बड़ा फासला देखने को मिलता है।
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अक्सर मेरे दावों और जीवन में बड़ा फासला देखने को मिलता है।

अमन जी, आपने जो फासला देखा है, वहीं से असली काम शुरू होता है। वह दावा किसका बनाया हुआ है, यह देखिए - वह एक छवि है जिसे आपने खुद खड़ा किया, ताकि कुछ दिखें, कुछ साबित हों, किसी के सामने अच्छे लगें। और जीवन जो वास्तव में घट रहा है, वह उस छवि से मेल नहीं खाता। अब सवाल यह नहीं कि दावे को जीवन के बराबर कैसे लाया जाए, बल्कि यह कि वह दावा बनाया ही क्यों गया था, वह किसकी भूख पूरी कर रहा था। उस भूख को ईमानदारी से देखेंगे तो फासला खुद अपनी जगह दिखा देगा।