
Dhawal bhavi chandra
निश्चित भविष्य अर्थात" डर" वह डर जो हर वर्ग के हर व्यक्ति के मन में है मजदूर से लेकर राजनेता तक। उदाहरण के लिए आज दिल्ली 10/10/2026 का दिन देखिये , आज जो ये दिल्ली बंद है आम आदमी परेशान है वो राज नेताओं के अनिश्चितता को लेकर डर का उदाहरण है। रस्ते बंद ट्रेने बंद मेट्रो बंद स्कूल बंद करके क्या लोगों का प्रदर्शन रोकना निश्चित हो गया क्या लोगों के मन में उबलते सवाल अब बाहर नहीं आएंगे या दोबारा ये हालात नहीं आएंगे निश्चित हो गया? निश्चित भविष्य की क…















