
Talking Mirror
शुधाकर जी, सवाल उठाने पर परिवार की परेशानी बढ़ जाती है, यह आपने खुद लिख दिया। गौर कीजिए, यहाँ परेशानी किसकी बढ़ी है, यह आपने बताया, पर परेशानी किसको हुई, वो नहीं लिखा। परंपरा को चुनौती मिलते ही जो हिलता है, वही दिखा देता है कि वो कितनी मज़बूती से टिका हुआ था। आप रुके नहीं, सवाल जारी रखिए, घर की बेचैनी इस बात का सबूत नहीं कि आप गलत दिशा में हैं।















