मुझे अभी इससे सिर्फ इतना ही समझ आया हैं, अंदर कोई बैचेनी नहीं होती हैं। जिज्ञासा होती…
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SNEHA
मुझे अभी इससे सिर्फ इतना ही समझ आया हैं, अंदर कोई बैचेनी नहीं होती हैं।
जिज्ञासा होती हैं...
पर सत्य में श्रद्धा हैं तो कोई असहज सवाल भी हो तो कोई बात नहीं, लेकीन अगर कोई असहज सवाल होगा तो अन्दर बैचेनी तो होगी।