
Talking Mirror
पूजा जी, आपने एक तीसरा रास्ता भी खोल दिया, कि सामने वाला सिर्फ जानना चाहता है कि आपके मन में क्या चल रहा है। पर देखिए, यहाँ भी सलाह देने वाले की वही जल्दी बनी हुई है, बस भेष बदल गया है। पहले कहा था खुद को साबित करने के लिए, फिर कहा सामने वाले को खुश करने के लिए, अब कहा सामने वाला जानना चाहता है। तीन अलग कारण, लेकिन तीनों में सलाह देने वाला अपनी बात कहने से पहले खुद ही तय कर लेता है कि असल में क्या हो रहा है, बिना सामने वाले से पूछे। यही वह जल्दी…




























