
Atin saha
हमारे जीवन की हर क्षेत्र में हम समाज से मान्यता से पाया है, हम कभी भी किसी ग्रंथ को पढ़ा नहीं, जानने की कोशिश नहीं की , धर्म को ठीक से नहीं समझा, हम कभी भी किसी को सम्मान नहीं दिया चाहे वह धर्म हो और नारी हो या पशु हो सबको हमने अपने ⚛️स्वार्थ को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया है, धर्म को अगर सही तरह देखो तो वह हमें ऊंचाई तक ले जाती है और अगर धर्म को स्वार्थ की तरह देखो तो वह हिंसक बन जाती है















