
Sushmita kumari
सही हमें देखना चाहिए की मूल्य तय करने वाला हमारे भीतर कौन है, लेकिन हम नही देखते है l बच्चे तो छोटे से होते है उनके अंदर तो कुछ भी जब दुनिया समाज से भरा भी नही होता तब से ही हम क्या करते हैं, उसको जज करना शुरू कर देते है l ये उसके गाल देखो, बाल देखो, और न जाने क्या क्या, फिर वही बड़े जैसे जैसे होते है ओ भी वही देखने लगते है, जो हम उनमे देख रहे थे l एक गहरी देहभाव भर देते है हम सब बच्चो मे l हम इ…















