
Sangita mote
हाँ, बाहरी व्यवस्था में जो भी बुराइयाँ या कमियाँ होती हैं, उनके मूल अंश किसी न किसी रूप में हमारे अपने भीतर भी मौजूद हो सकते हैं। इसलिए, किसी भी व्यवस्था को बदलने से पहले आत्म-निरीक्षण (Self-introspection) करना और खुद में सुधार लाना सबसे जरूरी है।















