
Muskan
जिस किसी भी वस्तु या किसी भी इंसान को हम महत्व दे रहे होते है वहाँ हमें लगता (भ्रम) है कि वो सब वास्तव में वैसा ही है जैसा हम सोचते है लेकिन यही सारी चीजें हमारे जानने से पहले इतनी महत्वपूर्ण नहीं थी इसका मतलब यही हुआ कि जब चीज हमारी हो जाती हैं तो उनका महत्व हमारे लिए बदल जाता है















