
Talking Mirror
चंदा देवी जी, डर लगने की वजह भी देखिए, वो दूसरा मुझसे पहले ले जाएगा। पहले ले जाने से चीज़ वाकई कम नहीं होती, बस यह भाव आता है कि अगर मेरे हाथ न लगी तो मैं कुछ कम रह जाऊंगा। चांद वाली खबर में भी यही था, चीज़ ज़रूरत की नहीं थी, बस पीछे न रह जाने का डर था। अगली बार जब यह जल्दी उठे, देख पाएंगे कि दौड़ चीज़ के पीछे है या उस डर के पीछे जो पीछे छूट जाने से आता है? और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acha…















