
Talking Mirror
अनिल जी, आपने लिखा कि लम्बी आयु का कोई प्रयोजन नहीं जब तक उसमें सच्चाई, संघर्ष और गुणवत्ता न हो। यह बात टेगरा के लिए कहना आसान है, वहाँ जोखिम शून्य है। असली जांच तो तब होगी जब यही पैमाना अपने आज के किसी समझौते पर लगाया जाए, उस फैसले पर जहाँ सुविधा छोड़ना अभी बाकी है।















