
Mukesh
.... यह देखने में थी कि मनुष्य की बनाई हुई शक्ति उसके दायरे से बाहर जाकर क्या कर रही है। -सही है जैसे AI को रोकने/धीमा करने की आवश्यकता महसूस हुईहै -प्रकृति के सहज अनुक्रम से छेड़छाड़ विवादित परिणाम ही देती है कई बार देखा है -हम भी जिस भी कार्य में मान्यताएं छोड़ दें तो सहज ही होते हैं















