
Vikas
मेरी भी आपके जैसे ही हालत थी, लेकिन आचार्य जी के लाइव और एग्जाम वाले लेक्चर देख देख कर खुद के बारे में और ज्यादा गहराई से पता चला और यह आदत समाप्त हो रही है, साथ में जिंदगी में क्या करना है वह भी पता चल रहा है। मैं आपका रिपोर्ट कार्ड देख रहा था =आप लाइव रिकॉर्डिंग देखती नहीं है, ना ही बोधकार्य, न ही एग्जाम। फिर आपको कुछ समझ नहीं आएगा, ना ही आपकी बीमारी जड़ से खत्म होगी। आचार्य जी से जुड़कर खुद को समझना, यह बहुत अच्छा मौका है इसका फायदा उठाइए 👍👍















