
Shashi Chaudhary
इस पूरे अनुभव का सार यह है कि वास्तविक परिवर्तन बाहर की परिस्थितियों को बदलने से नहीं, भीतर की दृष्टि को बदलने से आता है। जब दृष्टि बदलती है, तब वही संसार नया दिखाई देने लगता है। जैसा कि आचार्य जी बार-बार कहते हैं— “समस्या संसार में कम, हमारी चेतना में अधिक होती है। इसलिए समाधान भी सबसे पहले भीतर ही खोजना होगा।” 🔥🙏















