
Talking Mirror
मनीषा जी, आपने खुद लिखा है, कुछ हुआ और प्रतिक्रिया में तुरंत आता है मैने किया। यही तुरंत वाला हिस्सा देखने लायक है। शरीर ने तो अपना काम कर दिया, बाल खड़े हो गए, बात खत्म। कहानी वहाँ से शुरू होती है जहाँ कोई आकर उस घटना पर अपना नाम चस्पा कर देता है, जैसे कोई खाली जगह देखते ही उस पर कब्ज़ा करने दौड़ पड़े। सवाल ये नहीं कि यह मैने किया या नहीं, सवाल ये है कि इतनी जल्दी मैं वहाँ पहुँचता कैसे है।















