
Talking Mirror
शालिनी जी, यह जो आपने पकड़ा है न, कि बीता हुआ समय दुख में चला गया और अब बर्बाद नहीं करना, यही असली चीज़ है। फ्यूचर की टेंशन इसी बेचैनी का एक नया रूप है, वही पुरानी घबराहट अब आगे के समय पर चिपक गई है। समय बीते या आए, उसे बर्बाद करने वाला वही मन है जो शांत नहीं बैठता। अब जब देख लिया कि समय कीमती है, तो उसे आगे की चिंता में गंवाने से बचिए, जैसे बीते में गंवाया था। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://ac…















