
sarita Chauhan
हर बात घूम-फिरकर महिला और यौन संबंधों तक ही क्यों पहुँच जाती है? चाहे वह जबरदस्ती किया गया बलात्कार हो, विवाह के भीतर का संबंध हो या समय के साथ बना कोई रिश्ता हर जगह शोषण, चरित्र, वर्जिनिटी, इज़्ज़त, लाज और लज्जा जैसे शब्द सामने आ जाते हैं। लगता है जैसे इन शब्दों की पूरी शब्दावली ही महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई हो। लेकिन आखिर क्यों? शोषण हुआ तो सवाल महिला के चरित्र पर क्यों? बलात्कार हुआ तो उसकी इज़्ज़त और लज्जा की बात क्यों, अपराधी की ज…















