
SUDHIR VERMA
अगर मेरे जीवन में ऐसी सीमा आ जाए जिसे मैं बदल नहीं सकता, तो सबसे पहले मुझे यह स्वीकार करना होगा कि उस सीमा से लड़ते रहना हमेशा समाधान नहीं है। इसके बाद मुझे देखना होगा कि उस सीमा के भीतर क्या संभव है। किसी परिस्थिति को अपनी पहचान बना लेना और उस परिस्थिति को समझकर उसके भीतर से नया रास्ता खोज लेना—इन दोनों में बहुत अंतर है। लुई ब्रेल की कहानी मुझे यही सिखाती है कि सीमा मेरी पूरी पहचान नहीं है; वह केवल वह परिस्थिति है जिसके भीतर मुझे अपनी अगली संभाव…















