
Sonam
हमारा शरीर प्राकृतिक होता है तो उसकी अंदर और बाहर की क्रियाएं भी प्राकृतिक होती है लेकिन अहंकार पूरे शरीर को अपना मानता है कुछ भी हो वह कहता है मैंने किया ,मेरा है और अंदर की बहुत सी क्रियाएं ऐसी होती है जो हमें पता भी नहीं चलती है लेकिन जब शरीर अहंकार का है तो अंदर और बाहर की क्रियाएं भी उसकी होती है















