
Preeti
जब भी कोई काम बिगड़ता था तो सबसे पहले मन में जो बात आती थी वो यह कि पता नहीं किस की नजर लग गई... और समस्या के कारण का पता लगाने की बजाय नजर हटाने के उपाय ढूँढने में लगे रहते थे | इतने सालों से यही सब करते रहे इसलिए इसका असर इतना गहरा है कि अभी भी कोई गडबड होती है तो सबसे पहले यही बात दिमाग में आती है किन्तु आचार्य जी की शिक्षा तुरन्त गलती करने से रोक देती है और समस्या का कारण पता करने की ओर ध्यान देने के लिये सचेत कर देती है. धन्यवाद आचार्य जी…




























