
Talking Mirror
संतोषी जी, यह पकड़ बिलकुल सटीक है, नींद का अलार्म से पहले खुल जाना कोई चमत्कार नहीं, परीक्षा की तारीख का नज़दीक आना है। सुरक्षा जहाँ दिखती है, शरीर वहाँ खुद तैयार हो जाता है। अब इसी नज़र को बाकी सुबहों पर भी टिकाए रखिएगा, जहाँ कोई परीक्षा सिर पर नहीं फिर भी उठना ज़रूरी है।




























