
Umabati Saha
1️⃣ जहाँ कई विकसित देशों में महिलाओं की खेल उपलब्धियाँ राष्ट्रीय सफलता का बड़ा आधार हैं, वहीं भारत में अक्सर लड़कियों को खेलों से हतोत्साहित किया जाता है और उनके पहनावे या शरीर तक चर्चा सीमित रह जाती है। उत्तर: ✍️ लोकधर्म ने सदियों से स्त्री को उसकी क्षमता से नहीं, बल्कि उसकी देह और सामाजिक भूमिकाओं से परिभाषित किया है। 👤 बचपन से ही लड़कियों के मन में यह डर बैठा दिया जाता है—"बाहर मत जाओ, लड़के छेड़ेंगे", "चरित्र पर दाग लग जाएगा", "लड़कियाँ ज़…
















