BBabita JainTranslate to Englishbilkul mujko to khaney piney se matlab raha h kabhi sochtey nahi ki iskey pichey ki mahnat1
Talking Mirrorबबीता जी, यही तो ईमानदार शुरुआत है। असल सवाल ये नहीं कि पहले ध्यान नहीं गया, सवाल ये है कि अब जब दिख गया, अगली बार चाय का कप उठाते समय वो मजदूर, वो खेत याद रहेगा या फिर वही पुरानी सुविधा जीत जाएगी।