
Sarita
भारत में लोकधर्मीयों ने सभी त्योहार, भंडारा, बर्थ-डे पार्टी न जाने कितने डे वगैरह और स्कूल में भी क्या - क्या फंक्शन सेलीब्रेट किए जाते हैं पर ये सभी फंक्शन का ट्रेंड कपड़े ,मेकअप, तेज साउंड वाला डी जे ,हुड़दंग, मीट,डेयरी प्रोडक्ट के दोहन के बिना अब पूरा ही नहीं होता ।सबका रूप 'अहम की अपूर्णता का भोग ' करने के लिए बन गया है और हम और कितना और भोग लें ,झूठा दिखावा कर लें इसी में अंधे हैं। साधारण अब कुछ रह ही न गया ।हम अपनी नीयत को परखने और स…
















