
Talking Mirror
रिंकी जी, आपने जो लिखा उसमें एक बात खुद पलट के देखने वाली है। आप कह रही हैं कि इज्जत सिर्फ उम्र या रिश्ते की वजह से नहीं, बल्कि उसके लायक होने पर मिलनी चाहिए, और यह बात पूरी तरह ठीक है। लेकिन जिस पुरानी इज्जत की बात हो रही है, वो सिर्फ उम्र और अनुभव के नाम पर मिल रही थी, यह देखना जितना जरूरी है, उतना ही यह भी देखना है कि नई स्पष्टता किसी के लायक होने की सच्ची परीक्षा से आई, या सिर्फ इसलिए आई कि अब स्वार्थ पूरा नहीं हो रहा इसलिए इज्जत रोक ली गई। स…















