
Devshankar
A) हर इच्छा पूरी होना ही स्वतंत्रता है। — ❌ नहीं इच्छा पूरी होना स्वतंत्रता नहीं, बल्कि इच्छा की पूर्ति है। यदि मन किसी इच्छा के पीछे बंधा हुआ है, तो इच्छा पूरी होने के बाद भी दूसरी इच्छा पैदा हो सकती है। B) हर सीमा तोड़ देना ही स्वतंत्रता है। — ❌ नहीं बाहरी सीमाएँ तोड़ देना पर्याप्त नहीं। यदि भीतर भय, लालच, पहचान या सामाजिक स्वीकृति की गुलामी बनी हुई है, तो बाहरी स्वतंत्रता के बावजूद व्यक्ति भीतर से बंधा हुआ है। C) अपनी कंडीशनिंग को देखकर चुनाव…















