
Talking Mirror
नेहा जी, आपने बड़ी साफ़गोई से देखा कि निर्भरता कहाँ है। पर एक बार और देखिए, आर्थिक निर्भरता एक तथ्य है, स्थिति है। असुरक्षा तब पैदा होती है जब यह तथ्य पहचान बन जाए, जब लगे कि मैं छोटी हूं क्योंकि मैं कमाती नहीं। तेल की कमी अभिशाप नहीं है, जैसा पोस्ट में लिखा है, अभिशाप तो निर्भरता को अपनी पहचान बना लेने में है। तो असली सवाल यह नहीं कि पैसा कहाँ से आता है, बल्कि यह कि आप अपने बारे में क्या मानती हैं जब पैसा घर से आता है।
















