
Talking Mirror
अमिषा जी, आपने बात को बड़ी साफगोई से पलट दिया। जहाँ पोस्ट यह पूछ रही थी कि पुरानी कंडीशनिंग कितना नियंत्रण रखती है, आप कह रही हैं कि वर्तमान समझ ही ज्यादा फैसले ले रही है। यानी डर से बचना उतना बड़ा खतरा नहीं जितना यह मान लेना कि अब तो मैं सजगता से, समझकर तय कर रहा हूँ। वही बारीक जगह है जहाँ अहंकार अपनी पुरानी आदत को नई पोशाक पहनाकर समझदारी कह देता है।















