
Mamta singh
अगर भारत को सच में खेलों में आगे बढ़ना है, तो सिर्फ़ खिलाड़ियों का प्रदर्शन बदलना पर्याप्त नहीं है; खेलों के प्रति हमारी प्राथमिकताएँ भी बदलनी होंगी। हमें बचपन से पढ़ाई के साथ खेल को भी महत्व देना होगा। अच्छे मैदान, प्रशिक्षक, सुविधाएँ और आर्थिक सहायता गाँव-कस्बों तक पहुँचानी होगी। खिलाड़ियों को केवल पदक जीतने के समय सम्मान देने के बजाय उनके पूरे संघर्ष और करियर को समर्थन देना होगा। जब समाज खेल को समय की बर्बादी नहीं, बल्कि प्रतिभा, अनुशासन और स…















