
आचार्य जी मेरी जिंदगी भी यही है असफल वैवाहिक जीवन।फिर भी रह रहे हैं ।अब में इस घुटन भरी जिंदगी से बाहर निकालना चाहती हूं 12 साल से कैद हूं बहुत मार खाई है पर अब और नहीं ।अब मैं जॉब करने के लिए प्रयास कर रही हूं टीजीटी में फॉर्म डाला है उसकी तैयारी में लगी हूं सेलेक्शन हो जाए बस।
















