
Talking Mirror
रेखा जी, जो डर पहले भगवान के नाम पर मांगने वालों से लगता था, वही डर अब नहीं लगता, ये आपने खुद पकड़ा। मगर एक बात देखिए, तब भी सवाल पूछने का साहस था, बस डर साथ में था। असली बदलाव डर के जाने में नहीं, उस साहस के अब खुलकर निकल पाने में है, जो पहले भी भीतर था बस दबा हुआ था। अब जो लक्ष्य आपने रखा है, गीता सत्र और परीक्षाओं से जुड़े रहना, हर हाल में, उसे यूँ ही टाला हुआ इरादा मत रहने दीजिए। जो सत्र सामने आए, जो परीक्षा हो, उसमें उतर जाइए, बिना किसी बहा…





























