अहंकार का अधूरापन भार की गति को चलता रहता है l अहंकार संरचनात्मक रूप से ही एक गलती है…
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Braj mohan
अहंकार का अधूरापन भार की गति को चलता रहता है l अहंकार संरचनात्मक रूप से ही एक गलती है अधूरा है और वह अपने आप को पूरा करने के लिए लगातार गतिमान रहता है और उसी की यह गति है बाहरी रूप से हमें कर्मों के रूप में दिखाई देती है l